आखिर क्यों PFI पर सरकार ने लगाया बैन, जानिए क्या होगा इसका असर | Why Indian Government ban PFI and how will it impact the organisation.

सैकड़ों लोग हुए गिरफ्तार

सैकड़ों लोग हुए गिरफ्तार

गौर करने वाली बात है कि पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय जांच एजेंसिया पीएफआई के खिलाफ छापेमारी कर रही थीं। दो बड़ी छापेमारी में सैकड़ो पीएफआई कार्यकर्ताओं को एनआईए ने हिरासत में लिया है। इन लोगों के खिलाफ एनआईए को आतंकी संगठनों से लिंक की पुख्ता रिपोर्ट मिली थी जिसके आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पीएफआई और इससे जुड़े 8 सहयोगी संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिस तरह सी ईडी और एनआईए ने पीएफआई के खिलाफ ताबड़तोड़ छापेमारी की थी उसके बाद से ही माना जा रहा था कि पीएफआई पर प्रतिबंध लग सकता है।

कई दंगों, गैर कानूनी गतिविधियों में आया नाम

कई दंगों, गैर कानूनी गतिविधियों में आया नाम

दरअसल देश में कई बार हिंसा, दंगा और हत्या जैसी घटनाओं में पीएफआई का नाम सामने आ चुका है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कई बड़े मामलों में पीएफआई का नाम सामने आने के बाद से यह संगठन विवादों में आ गया था। नागरिकता संशोधन कानून के दौरान जब दिल्ली में शाहीन बाग पर हिंसा हुई थी उस वक्त भी पीएफआई का नाम इसमे सामने आया था। इसके अलावा जहांगीरपुर हिंसा, यूपी के कानपुर में, राजस्थान के करौली, मध्य प्रदेश के खरगौन, कर्नाटक में भाजपा नेता की हत्या के मामले में पीएफआई का नाम सामने आया था। भारत विरोधी एजेंडा चलाने, कट्टरता फैलान का भी इस संगठन पर आरोप लग चुका है।

 क्या हैं आरोप

क्या हैं आरोप

पीएफआई के खिलाफ जिस तरह से एक के बाद एक कई मामले सामने आए, उसके सदस्यों का देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता पाई गई उसके बाद गृह मंत्रालय ने इस संगठन को पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया। गृह मंत्रालय की ओर से इस बाबत अधिसूचना जारी करके जानकारी दी गई। जिसमे कहा गया कि यह संगठन देश के संवैधानिक ढांचे को कमजोर कर रहा है और आतंकी गतविधियों को आगे बढ़ा रहा है। देशभर में यह संगठन लोगों के बीच असंतोष पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

हर तरह की गतिविधि पर बैन

हर तरह की गतिविधि पर बैन

पीएफआई पर प्रतिबंध लगने के बाद अब इसके पर कई तरह की पाबंदियां होंगी। पीएफआई के साथ इसके सहयोगी संगठनों को भी बैन किया गया है। रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन, नेशनल वीमन फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इस प्रतिबंध के बाद किसी भी तरह की गतिविधि को अंजाम नहीं दे सकता है। संगठन का कोई भी दफ्तर नहीं होगा, किसी भी तरह का प्रदर्शन, कार्यक्रम आयोजित नहीं कर सकता। ना ही किसी से कोई फंड ले सकता है। बैन के बाद पीएफआई किसी भी तरह की कोई गतिविधि नहीं कर सकता है। सरकार के इस कदम से पीएफआई की फंडिंग पर रोक लगेगी और इसकी नींव कमजोर पड़ेगी।

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