दिल्ली सरकार खत्म करेगी ऐप आधारित टैक्सी कंपनियों की मनमानी, ये है प्लान | Delhi government will end the arbitrariness of app based taxi companies


Samachar

oi-Ashutosh Tiwari

|

Google Oneindia News

नई दिल्ली: मोबाइल ऐप आधारित टैक्सी संचालन कंपनियों की किराये पर मनमानी खत्म होगी। परिवहन विभाग ऐप आधारित टैक्सियों का बेस किराया खुद तय करेगा। यही नहीं टैक्सी की मांग बढ़ने पर उसके किराये में होने वाली सर्ज प्राइसिंग (किराया बढ़ाने) की अधिकतम सीमा बेस किराये के दोगुने से ज्यादा नहीं होगी। दिल्ली परिवहन विभाग ऐप आधारित टैक्सी कंपनियों पर लगाम लगाने के लिए टैक्सी एग्रीग्रेटर नीति लाने जा रही है जिसका काम अंतिम चरण में है।

taxi

जल्द ही इसकी अधिसूचना लागू कर दी जाएगी। परिवहन विभाग ने बीते जून में एग्रीग्रेटर योजना की ड्राफ्ट नीति सार्वजनिक कर जनता से सुझाव मांगे थे। विभाग को कुल 160 से अधिक सुझाव मिले हैं। इसमें ऐप आधारित टैक्सी संचालकों के किराये, यात्रियों की सुरक्षा के अलावा यात्रियों के साथ होने वाले दुर्व्यहार को लेकर भी सुझाव शामिल थे। सूत्रों की मानें तो इसे लेकर शुक्रवार को परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने एक बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि यह योजना अपने अंतिम चरण में है। इसमें यात्रियों की सुरक्षा, निगरानी से लेकर किराये ई-टैक्सी को लेकर कई अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं।

दोगुना से अधिक बढ़ोतरी नहीं
दिल्ली में अभी मोबाइल ऐप आधारित टैक्सियों का किराया मांग पर तय होता है। अगर कहीं मांग बढ़ती है तो वहां किराया बढ़ा दिया जाता है। मगर नई नीति के तहत परिवहन विभाग ही टैक्सियों का बेस किराया तय करेगा। मांग बढ़ने पर किराया बढ़ाने की अनुमति होगी, लेकिन वह दोगुने से ज्यादा नहीं होगा। अगर बेस किराया 16 रुपये किमी है तो अधिकतम 32 रुपये प्रति किमी तक किराया बढ़ाया जा सकेगा।

बेड़े में ई-वाहन बढ़ाने होंगे
परिवहन विभाग ने मोबाइल ऐप आधारित टैक्सी संचालकों को ई-टैक्सी को बेड़े में शामिल करने का प्रावधान भी किया है। मौजूदा बेड़े पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा पर आने वाले पांच साल के अंदर सभी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ई-वाहन में तब्दील करना होगा। जैसे पहले छह माह में बेड़े में शामिल कुल वाहनों में दोपहिया और तिपहिया के 10 फीसदी और चार पहिया के पांच फीसदी वाहनों को ई-वाहन में तब्दील करना होगा। एक साल में 10 से 25 फीसदी और चार साल में यह सभी श्रेणी में 100 फीसदी ई-वाहन शामिल करने होंगे।

दिल्ली सरकार का बड़ा कदम, सुरक्षा एजेंसियों की तर्ज पर वन विभाग में बनेगा डॉग स्कवॉडदिल्ली सरकार का बड़ा कदम, सुरक्षा एजेंसियों की तर्ज पर वन विभाग में बनेगा डॉग स्कवॉड

नियंत्रण कक्ष से नजर
मोबाइल ऐप आधारित टैक्सी में यात्री सुरक्षा को लेकर कई प्रावधान किए गए हैं। बुकिंग के समय जो चालक दिखाया या बताया जाएगा उसे ही वाहन लेकर पहुंचना होगा। अगर यात्रा के दौरान चालक दिए गए रूट को बदलता है तो उससे पहले यात्री को इसकी सूचना मोबाइल ऐप पर देनी होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 24 घंटे सातों दिन तक नियंत्रण कक्ष चलेगा।

English summary

Delhi government will end the arbitrariness of app based taxi companies, this is the plan

Story first published: Friday, September 23, 2022, 18:21 [IST]



Source link

Add a Comment

Your email address will not be published.