‘परमाणु युद्ध की स्थिति में भूलकर भी ना लगाएं बालों में कंडीशनर…’, अमेरिकी सरकार ने क्यों दी ये सलाह | nuclear war explosion during do not use hair conditioner here is why

परमाणु युद्ध की स्थिति क्या करें, क्या न करें?

परमाणु युद्ध की स्थिति क्या करें, क्या न करें?

अमेरिका ने कहा कि अगर परमाणु बम विस्फोट करता है, तो रेडियोधर्मी धूल के बादल हवा में भर जाते हैं। ऐसे में आप सुनिश्चित करें कि आप जितनी जल्दी हो सके नहा लें। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने कहा है कि परमाणु बम विस्फोट के बाद जितनी जल्दी हो नहा लें, गंदे कपड़े ना पहनें या उन्हें तुरंत बदल लें।

परमाणु युद्ध की स्थिति में बालों में क्यों न लगाएं कंडीशनर?

परमाणु युद्ध की स्थिति में बालों में क्यों न लगाएं कंडीशनर?

अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने कहा नहाते वक्त आप शैम्पू का उपयोग करें क्योंकि यह आपके बालों में तेल और गंदगी को बाहर निकालता है, शैम्पू को इसी तरह डिडाइन किया गया है। जब आप शैम्पू से बालों को धोते हैं तो किसी भी गंदे कण को वह ​​​​दूर ले जाते हैं। कंडीशनर में सर्फेक्टेंट भी होते हैं (जो एक छोर पर पानी और दूसरी तरफ तेल को आकर्षित करते हैं), लेकिन उनके अलग-अलग गुण होते हैं।

शैम्पू आपकी जान बचा सकता है लेकिन कंडीशनर घातक हो सकता है

शैम्पू आपकी जान बचा सकता है लेकिन कंडीशनर घातक हो सकता है

अमेरिका सीडीसी ने कहा, ”एक शैम्पू आपकी जान बचा सकता है, लेकिन एक कंडीशनर घातक हो सकता है। एडवाइजरी के मुताबिक, बालों में ज्यादा रेडिएशन से बचने के लिए कंडीशनर के इस्तेमाल से बचें। कंडीशनर आपके बालों और रेडियोधर्मी सामग्री के बीच गोंद की तरह काम कर सकता है।

आखिर ऐसा क्या होता है हेयर कंडीशनर में?

आखिर ऐसा क्या होता है हेयर कंडीशनर में?

अमेरिका सीडीसी ने कहा, अधिकत्तर कंडीशनर में “cationic” सर्फेक्टेंट होते हैं, जो सकारात्मक रूप से चार्ज होते हैं। चूंकि बालों के टिश्यू ऋणात्मक रूप से आवेशित होते हैं, इसलिए वे दोनों एक-दूसरे की ओर आकर्षित होते हैं और रेडियोधर्मी धूल के लिए गोंद के रूप में कार्य करते हैं। ये रेडियोधर्मी कण कोशिका क्षति का कारण बन सकते हैं और घातक भी साबित हो सकते हैं।

परमाणु विस्फोट के संपर्क में आने पर क्या करें?

परमाणु विस्फोट के संपर्क में आने पर क्या करें?

अमेरिका ने कहा, अगर कोई परमाणु विस्फोट के संपर्क में आया है, तो उसे विकिरण से बचने के लिए एक ईंट या कंक्रीट की इमारत के अंदर छिप जाना चाहिए। अमेरिका ने लोगों को अपनी आंख, नाक और मुंह को छूने से बचने की भी सलाह दी है।

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