‘भारतीय प्रधानमंत्री सही थी, उन्होंने पुतिन को सही संदेश दिया’, फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने की पीएम मोदी की तारीफ | French President Emmanuel Macron unga speech pm Modi was right on putin russia

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने की तारीफ

फ्रांसीसी
राष्ट्रपति
ने
की
तारीफ

फ्रांस
के
राष्ट्रपति
इमैनुएल
मैक्रों
के
साथ
पीएम
मोदी
के
अच्छे
संबंध
हैं
और
संयुक्त
राष्ट्र
महासभा
में
जब
फ्रांस
के
राष्ट्रपति
संबोधित
कर
रहे
थे,
तो
उन्होंने
पीएम
मोदी
के
उस
बयान
का
जिक्र
किया
और
उन्होंने
सदस्य
देशों
को
बताया
कि,
पीएम
मोदी
सही
थे,
जब
उन्होंने
पुतिन
को
बताया
था
कि,
“आज
का
युग
युद्ध
का
नहीं
है”।
फ्रांसीसी
राष्ट्रपति
ने
इस
मुद्दे
के
बारे
में
फोन
पर
कई
बार
पुतिन
से
बात
की
है
और
लोकतंत्र,
कूटनीति
और
संवाद
के
महत्व
को
रेखांकित
किया
है।
वहीं,
यूक्रेन
युद्ध
शुरू
होने
के
बाद
भारतीय
प्रधानमंत्री
ने
भी
रूसी
राष्ट्रपति
व्लादिमीर
पुतिन
से
बात
की
है,
जिसमें
पीएम
मोदी
ने
पुतिन
से
इस
विवाद
का
शांतिपूर्वक
समाधान
तलाशने
का
आग्रह
किया
है।

'भारत के प्रधानमंत्री सही थे'

‘भारत
के
प्रधानमंत्री
सही
थे’

फ्रांस
के
राष्ट्रपति
ने
अपने
संबोधन
में
कहा
कि,
“भारत
के
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
सही
थे,
जब
उन्होंने
कहा
कि,
यह
समय
युद्ध
के
लिए
नहीं
है।
यह
पश्चिम
के
खिलाफ
बदला
लेने
के
लिए
या
पूर्व
के
खिलाफ
पश्चिम
का
विरोध
करने
के
लिए
नहीं
है’।
मैक्रों
ने
मंगलवार
को
संयुक्त
राष्ट्र
महासभा
के
77
वें
सत्र
की
सामान्य
बहस
में
अपने
संबोधन
के
दौरान
कहा
कि,
हमारे
संप्रभु
समान
राज्यों
के
लिए
यह
सामूहिक
समय
है।
उन्होंने
कहा
कि,
“यही
कारण
है
कि
उत्तर
और
दक्षिण
के
बीच
एक
नया
अनुबंध
विकसित
करने
की
तत्काल
आवश्यकता
है,
एक
प्रभावी
अनुबंध
जो
फुड
सिक्योरिटी
के
लिए,
जैव
विविधता
के
लिए
और
जो
शिक्षा
के
लिए
सम्मानजनक
हो।
यह
वो
समय
नहीं
है,
कि
हम
सोचना
बंद
कर
दें,
बल्कि
ये
वो
वक्त
है,
जब
हम
वैध
हितों
और
सभी
की
भलाई
को
लेकर
एक
साथ
गठबंधन
करें
और
सामुहिक
रूप
से
इस
पर
एक्शन
लें।”

‘जो
तटस्थ
हैं,
वो
गलत
हैं’

मंगलवार
को
UNGA
सत्र
में
फ्रांसीसी
राष्ट्रपति
मैक्रों
ने
उम्मीद
जताई
कि,
अंतर्राष्ट्रीय
समुदाय
संयुक्त
राष्ट्र
सुरक्षा
परिषद
में
सुधार
के
लिए
प्रतिबद्ध
हो
सकता
है
“ताकि
यह
अधिक
प्रतिनिधि
हो,
नए
स्थायी
सदस्यों
का
स्वागत
करे
और
सामूहिक
अपराधों
के
मामले
में
वीटो
के
उपयोग
को
प्रतिबंधित
करके
अपनी
पूरी
भूमिका
निभाने
में
सक्षम
रहे।”
जनरल
डिबेट
के
उद्घाटन
के
दिन
अपने
संबोधन
में
फ्रांसीसी
राष्ट्रपति
ने
कहा
कि,
“ऐसे
देश
हैं
जिन्होंने
इस
युद्ध
में
तटस्थता
का
एक
विकल्प
चुना
है।
जो
लोग
कह
रहे
हैं
कि
वे
गुटनिरपेक्ष
हैं,
वे
गलत
हैं।
वे
एक
ऐतिहासिक
गलती
कर
रहे
हैं।”

'गुटनिरपेक्षता का मकसद शांति'

‘गुटनिरपेक्षता
का
मकसद
शांति’

फ्रांसीसी
राष्ट्रपति
ने
कहा
कि,
“गुटनिरपेक्ष
आंदोलन
की
लड़ाई
शांति
की
लड़ाई
है।
उन्होंने
शांति,
राज्यों
की
संप्रभुता
और
क्षेत्रीय
अखंडता
के
लिए
लड़ाई
लड़ी।
जो
लोग
आज
खामोश
हैं,
वे
एक
तरह
से
नए
साम्राज्यवाद,
एक
नई
व्यवस्था,
जो
मौजूदा
व्यवस्था
को
रौंद
रही
है,
उनके
साथ
एक
तरह
से
उलझे
हुए
हैं,
और
यहां
शांति
संभव
नहीं
है।”
मैक्रों
ने
कहा
कि,
“रूस
आज
दोहरा
मापदंड
बनाए
रखने
की
कोशिश
कर
रहा
है,
लेकिन
यूक्रेन
में
युद्ध
ऐसा
संघर्ष
नहीं
होना
चाहिए
जो
किसी
को
भी
उदासीन
छोड़
दे।”

पीएम मोदी ने पुतिन से क्या कहा था?

पीएम
मोदी
ने
पुतिन
से
क्या
कहा
था?

वैश्विक
मंच
पर
अलग
थलग
पड़
चुके
रूस
के
राष्ट्रपति
से
जब
समरकंद
में
भारतीय
प्रधानमंत्री
नरेन्द्र
मोदी
ने
मुलाकात
की,
तो
व्लादिमीर
पुतिन
को
एक
संदेश
भारत
की
तरफ
से
साफ
दे
दिया
गया,
कि
यूक्रेन
युद्ध
से
भारत
खुश
नहीं
हैं।
भारत
के
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
शुक्रवार
को
राष्ट्रपति
व्लादिमीर
पुतिन
से
कहा
कि,
यह
युद्ध
का
समय
नहीं
है,
और
पीएम
मोदी
ने
रूसी
राष्ट्रपति
से
ये
बातें
उस
वक्त
की
हैं,
जब
पुतिन
ने
यूक्रेन
में
अपने
अभियान
की
क्रूरता
को
बढ़ाने
की
धमकी
दी
है।
इस
दौरान
राष्ट्रपति
पुतिन
ने
कहा
कि
उनका
देश
भी
यूक्रेन
के
खिलाफ
जंग
को
जल्द
खत्म
करना
चाहता
है।
पुतिन
ने
पीएम
मोदी
से
कहा,
‘मैं
यूक्रेन
से
जंग
पर
आपकी
स्थिति
और
आपकी
चिंताओं
को
जानता
हूं।
हम
चाहते
हैं
कि
यह
सब
जल्द
से
जल्द
खत्म
हो।
हम
आपको
वहां
क्या
हो
रहा
है,
इसकी
जानकारी
देते
रहेंगे।’


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