यूक्रेन युद्ध पार्ट-2 शुरू: दूसरे विश्वयुद्ध के बाद पहली बार रूस में लामबंदी का आदेश, जानें क्या है मतलब? | Ukraine crisis Part 2 begins as Putin calls for partial mobilisation russia know what it means

पुतिन के लामबंदी आदेश का मतलब

पुतिन
के
लामबंदी
आदेश
का
मतलब

यूक्रेन
युद्ध
शुरू
होने
के
बाद
पुतिन
से
स्टॉक
एजेंसी
को
बंद
कर
और
तेल
व्यापार
में
रूबल
को
अनिवार्य
कर
अपनी
करेंसी
को
बचा
लिया
था,
लेकिन
अब
डॉलर
के
मुकाबले
एक
बार
फिर
से
रूबल
बुरी
तरह
से
गिरने
लगा
है
और
समाचार
लिखे
जाने
तक
डॉलर
के
मुकाबले
रूबल
62
को
पार
कर
चुका
था
और
पिछले
दो
महीने
में
ऐसा
पहली
बार
है,
जब
डॉलर
के
मुकाबले
रूबल
ने
इतना
ज्यादा
गोता
लगाया
है
और
माना
जा
रहा
है,
कि
क्योंकि
राष्ट्रपति
व्लादिमीर
पुतिन
ने
द्वितीय
विश्व
युद्ध
के
बाद
रूस
की
में
पहली
बार
लामबंदी
का
आदेश
दिया,
उसी
का
असर
हो
रहा
है।
रिपोर्ट
के
मुताबिक,
आज
डॉलर
के
मुकाबले
रूबल
2.3%
कमजोर
होकर
62.6125
तक
गिर
गया
है,
जो
1
अगस्त
के
बाद
से
इसका
सबसे
कमजोर
बिंदु
था।
वहीं,
माना
जा
रहा
है,
कि
पिछले
दो
हफ्तों
में
यूक्रेन
युद्ध
में
रूस
को
भारी
नुकसान
हुआ
है
और
उसे
अपने
जीते
हुए
हिस्से
में
से
एक
बड़ा
हिस्सा
गंवाना
पड़ा
है,
जिसके
बाद
ही
इस
बात
की
आशंका
थी,
कि
पुतिन
युद्ध
की
रफ्तार
को
काफी
तेज
कर
सकते
हैं।

जीते गये क्षेत्रों में जनमत संग्रह

जीते
गये
क्षेत्रों
में
जनमत
संग्रह

आश्चर्यजनक
तरीक

युद्धक्षेत्र
में
मिली
असफलताओं
के
बाद
रूस
ने
पूर्वी
और
दक्षिणी
यूक्रेन
में
अपने
कब्जे
वाले
क्षेत्रों
पर
अपनी
पकड़
मजबूत
करने
के
लिए
रूसी
प्रशासन
ने
मंगलवार
को
घोषणा
की
थी,
कि
उन
क्षेत्रों
में
जनमत
संग्रह
कराए
जाएंगे।
वहीं,
अपने
टेलीविजन
संबोधन
में
भी
रूसी
राष्ट्रपति
ने
जनमत
संग्रह
की
घोषणा
की
है,
जो
युद्ध
के
संभावित
बढ़ने
का
संकेत
देती
है।
क्रेमलिन
ने
संकेत
दिया
है
कि,
जनमत
संग्रह
कराने
के
बाद
अगर
उन
क्षेत्रों
का
विलय
रूस
में
हो
जाता
है
और
उसके
बाद
अगर
यूक्रेन
उन
क्षेत्रों
को
हासिल
करने
के
लिए
उन
क्षेत्रों
में
अपने
सैनिकों
को
भेजता
है,
तो
उसे
रूस
पर
हमला
किया
जाएगा
और
फिर
उसके
बाद
रूस
किसी
भी
तरह
की
प्रतिक्रिया
करने
के
लिए
स्वतंत्र
होगा।
यानि,
रूसी
राष्ट्रपति
पुतिन
के
आज
के
संबोधन
से
सबसे
बड़ी
बात
निकालें,
तो
वो
यही
है,
कि
अगले
हफ्ते
तक
रूस
आधिकारिक
तौर
पर
यूक्रेन
में
युद्ध
की
घोषणा
कर
सकता
है,
क्योंकि
यूक्रेन
ने
जनमत
संग्रह
की
बात
को
खारिज
कर
दिया
है
और
कहा
है,
कि
वो
जनमत
संग्रह
को
मान्यता
नहीं
देता
है।

यूक्रेन से किन क्षेत्रों को अलग करेंगे पुतिन?

यूक्रेन
से
किन
क्षेत्रों
को
अलग
करेंगे
पुतिन?

रूस
के
पूर्व
राष्ट्रपति
और
रूसी
राष्ट्रपति
व्लादिमीर
पुतिन
की
सुरक्षा
परिषद
के
उपाध्यक्ष
दिमित्री
मेदवेदेव
ने
रूसी
राष्ट्रपकि
को
एक
पत्र
में
लिखा
है
कि,
“रूस
के
क्षेत्र
में
अतिक्रमण
करना
एक
अपराध
है,
जिसका
आयोग
आपको
आत्मरक्षा
के
सभी
बलों
का
उपयोग
करने
की
अनुमति
देता
है।”
यानि,
पुतिन
को
अपनी
सुरक्षा
परिषद
से
‘हमले’
की
स्थिति
में
प्रतिक्रिया
करने
की
इजाजत
मिल
गई
है।
यूक्रेन
और
उसके
समर्थक
देशों,
संयुक्त
राज्य
अमेरिका
और
ब्रिटेन
ने
कहा
है
कि,
रूसी
अधिकारियों
द्वारा
आयोजित
कोई
भी
कथित
चुनाव
एक
छेड़छाड़
वाला
तमाशा
होगा,
जो
एक
कठोर,
ज़बरदस्ती
कब्जे
के
तहत,
चल
रहे
युद्ध
के
दौरान,
उस
क्षेत्र
में
किया
जाएगा
जहां
लाखों
लोग
भाग
गए
हैं।
जबकि,
रूस
ने
कहा
है,
कि
इस
हफ्ते
के
अंत
तक
डोनेट्स्क,
लुहान्स्क,
खेरसॉन
और
ज़ापोरिज्जिया
में
जनमत
संग्रह
कराया
जाएगा।

सैनिकों को लेकर भी कानून पारित

सैनिकों
को
लेकर
भी
कानून
पारित

वहीं,
रूसी
संसद
में
मंगलवार
को
आनन-फानन
में
एक
कानून
पास
किया
गया
है,
जिसके
तहत
सैनिकों
को
युद्ध
में
जाने
से
इनकार
करने,
युद्ध
मैदान
से
भागने
या
फिर
आदेश
का
पालन
करने
से
इनकार
कर
ने
पर
उनके
खिलाफ
आपराधिक
दंड
लगाया
जाएगा।
रूसी
सूत्रों
का
कहना
है,
कि
ऐसा
इसलिए
किया
गया
है,
क्योंकि
अब
वक्त

गया
है,
जब
रूसी
राष्ट्रपति
यूक्रेन
में
युद्ध
की
घोषणा
कर
सकते
हैं
और
बड़े
पैमाने
पर
सैनिकों
को
युद्ध
में
जाने
का
आदेश
दे
सकते
हैं।
रिपोर्ट
के
मुताबिक,
यूक्रेन
युद्ध
मे
अभी
तक
हजारों
रूसी
सैनिक
मारे
जा
चुके
हैं
और
सोशल
मीडिया
पर
युद्ध
के
मैदान
से
रूसी
सैनिकों
के
कई
ऐसे
वीडियो
वायरल
हुए
हैं,
जिसमें
उन्हें
रोते
हुए
देखा
गया
है।
रूसी
सैनिकों
के
पास
ना
खाने
को
खाना
बचा
था
और
ना
ही
लड़ने
को
हथियार।
लिहाजा,
रूसी
संसद
में
कानून
पारित
किया
गया
है,
ताकि
सैनिक
युद्ध
लड़ने
से
इनकार
नहीं
कर
सकें।

पिछले दो हफ्तों में मिली बुरी हार

पिछले
दो
हफ्तों
में
मिली
बुरी
हार

यूक्रेनी
खुफिया
विभाग
ने
पिछले
हफ्ते
कहा
था
कि,
रूसी
सैनिक
युद्ध
मैदान
से
इतनी
जल्दी
में
भागे
हैं,
कि
उन्होंने
अपना
लोडेड
हथियार,
तोप,
तोप
के
गोले
और
खाने
पीने
का
सामान
भी
छोड़
दिया।
एक
यूक्रेनी
कमांडर
ने
कहा
कि,
“हमें
सफलता
की
उम्मीद
तो
थी,
लेकिन
इस
तरह
के
कायरतापूर्ण
व्यवहार
की
उम्मीद
नहीं
थी।
उन्होंने
अपने
टैंक
और
उपकरण
छोड़
दिए
हैं,
यहां
तक
कि
वो
अपनी
जान
बचाने
के
लिए
साइकिल
से
भी
भाग
रहे
हैं।
उन्हें
बस
किसी
भी
तरह
से
अब
यूक्रेन
से
निकलना
है,
वे
ओलंपिक
स्प्रिंटर्स
की
तरह
भाग
रहे
हैं।”
वहीं,
राष्ट्रपति
वलोडिमिर
ज़ेलेंस्की
ने
अपनी
सेना
की
तारीफ
करते
हुए
कहा
कि,
उनकी
सेना
ने
पिछले
एक
पखवाड़े
में
2,300
वर्ग
मील
पर
फिर
से
कब्जा
कर
लिया
है।
वहीं,
यूक्रेन
के
रक्षा
मंत्रालय
के
अनुसार,
24
फरवरी
को
आक्रमण
के
बाद
से
रूस
ने
53,000
सैनिकों
को
खो
दिया
है।

Source link

Add a Comment

Your email address will not be published.