राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने कहा, इंटरव्यू के लिए हिजाब पहनना होगा! महिला एंकर ने किया इनकार | Iranian President Raisi cancelled interview after Christiane Amanpour TV anchor refused to wear headscarf

ईरान में हिजाब पर बवाल

ईरान में हिजाब पर बवाल

ईरान में कथित तौर पर महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत का मामले ने तूल पकड़ लिया है। यह मामला आग की तरह ईरान से होकर अन्य दूसरे देशों में पहुंच चुका है। ईरान समेत कई देशों में महसा अमीनी के हिजाब न पहनने के कारण उन पर हुई पुलिस कार्रवाई और मौत के मामले की कड़ी निंदा हो रही है। वहीं, दूसरी तरफ ईरान में हिजाब के विरोध में 5 दिनों से जारी प्रदर्शन के क्रम में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प में अब तक 31 नागरिकों की मौत हो चुकी है। साथ ही एक हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। देश में इंटरनेट सेवाएं ठप हो चुकी हैं।

एंकर ने हिजाब पहनने से मना किया, नहीं हुआ रईसी का इंटरव्यू

एंकर ने हिजाब पहनने से मना किया, नहीं हुआ रईसी का इंटरव्यू

ईरान में हिजाब विरोध के बीच देश के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी इन दिनों अमेरिका में हैं। जानकारी के मुताबिक, यहां उनका अमेरिका के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनल सीएनएन की वरिष्ठ एंकर क्रिस्टीन एमनपोर के साथ इंटरव्यू होना तय था। हालांकि, एंकर ने रईसी के सामने हिजाब पहनने से साफ मना कर दिया जिसके बाद इंटरव्यू नहीं हो सका। टीवी एंकर ने इस विषय की पूरी जानकारी ट्विटर के माध्यस मे ट्वीट करके दी है।

एंकर ने ट्वीट किया

एंकर ने ट्वीट किया

एंकर क्रिस्टीन एमनपोर ने ट्विटर पर ट्वीट किया कि ईरान में हिजाब का विरोध बढ़ गया है। महसा अमिनी की मौत के बाद वहां की महिलाएं सड़कों पर उतरकर अपना हिजाब जला रही हैं। बीती रात 8 प्रदर्शनकारियों की मौत होने की खबर मिली। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी से वह इसी से संबंधित सवाल करना चाहती थीं।

16 सितंबर से शुरू हुआ हिजाब के खिलाफ आंदोलन, अमेरिका साथ देगा

16 सितंबर से शुरू हुआ हिजाब के खिलाफ आंदोलन, अमेरिका साथ देगा

ईरान में 16 सितंबर से शुरू हुआ हिजाब के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। इस विरोध प्रदर्शन में पुरुष भी महिलाओं का साथ दे रहे हैं। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूएन में अपने संबोधन में ईरान में महिलाओं के हिजाब के खिलाफ इस मुहिम में साथ देने की कसम खाई थी। खबर है कि, हिजाब को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के क्रम में इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई हैं क्योंकि वहां के युवा इसके जरिए सीक्रेट मैसेज चला रहे हैं। इसको देखते हुए इंटरनेट को बंद करने का फैसला लिया गया है।

पुरुष भी महिला के इस मुहिम में शामिल, 31 लोगों की मौत

पुरुष भी महिला के इस मुहिम में शामिल, 31 लोगों की मौत

हिजाब के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में पुरुष भी महिलाओं का साथ दे रहे हैं। अब ये 15 शहरों में फैल गया है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें भी हो रही हैं। आंदोलन कर रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने गोलियां चलाईं। गुरुवार को फायरिंग में 3 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई। 5 दिन में मरने वालों की तादाद 31 हो गई है। सैकड़ों लोग घायल हैं।

एक हजार से ज्यादा गिरफ्तार

एक हजार से ज्यादा गिरफ्तार

1000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकार की मॉरल पुलिसिंग के खिलाफ युवाओं ने गरशाद नाम का मोबाइल ऐप बना लिया है। इस ऐप को 5 दिन में 10 लाख लोगों ने डाउनलोड किया है। युवा इसके जरिए सीक्रेट मैसेज चला रहे हैं। इसे देखते हुए तेहरान में मोबाइल इंटरनेट बंद और इंस्टाग्राम को ब्लॉक कर दिया गया है। महसा अमीनी की मौत के बाद वहां हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। महसा की मौत के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। धीरे-धीरे यह प्रदर्शन ईरान के 50 से ज्यादा शहरों और अन्य इलाकों में फैल चुका है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल का प्रयोग कर रही है।

हिजाब नहीं पहनने के कारण महसा की हुई मौत

हिजाब नहीं पहनने के कारण महसा की हुई मौत

ईरान में 22 साल की महसा अमीनी को हिजाब ना पहनने के कारण पुलिस ने 13 सितंबर को हिरासत में लिया था। आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में उसके साथ मारपीट की, जिससे वह कोमा में चली गई थीं। इस घटना के तीन दिन बाद महसा अमीनी ने दम तोड़ दिया। हालांकि, अधिकारियों ने इन आरोपों का सिरे से खारिज कर दिया।

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