रूसी हमले में 20 लोग मारे गए, यूक्रेन के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर मंडराया खतरा | russian forces shelled civilian evacuation convey ukraine nuclear power plant in danger

रूसी हमले में 20 नागरिकों की मौत

रूसी हमले में 20 नागरिकों की मौत

खारकीव के गवर्नर ओलेह सिनीहुबोव ने कहा कि रूसी सेना कुपियांसी जिले में बमबारी की। इस दौरान सेना ने नागरिकों के एक काफिले को निशाना बनाया जिसमें 20 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने इस हमले क्रूरतापूर्ण हमला करार देते हुए कहा कि, इस हमले को उचित नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि, जो लोग इलाके को छोड़कर भाग रहे थे उन पर पुतिन की सेना हमला कर रहे थे।

रूस ने नहीं दिया कोई जवाब

रूस ने नहीं दिया कोई जवाब

हालांकि, रूस ने यूक्रेन के इस आरोप पर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। जाहिर तौर पर दोनों दिनों में नागरिकों के काफिले पर रूसी सेनाओं का यह दूसरा हमला है। पिछले महीने यूक्रेन ने रूस को खारकीव क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों से बाहर खदेड़ दिया था। जिसके जवाब में रूसी सेना फिर से हमला बोल दिया है। खारकीव के इलाके में दोनों सेनाओं के बीच लगातार गोलीबारी जारी है।

रूस ने ट्रेलर शुरू किया है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है!

रूस ने ट्रेलर शुरू किया है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है!

यूक्रेन के पूर्वोत्तर इलाके में रूसी सेनाओं का हमला राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तैयारियों के बारे में सिर्फ एक झलक मात्र है। पुतिन ने पहले ही यूक्रेन और पश्चिम देशों को परमाणु हमले की धमकी दे चुके हैं। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और उनकी सेना ने रूसी कब्जों से अपने इलाकों को मुक्त कराने की कसम खाई है।

अमेरिका दे रहा यूक्रेन का साथ

अमेरिका दे रहा यूक्रेन का साथ

बता दें कि अमेरिका ने यूक्रेन को 1.1 अरब डॉलर की नई सैन्य सहायता देने की घोषणा कर चुका है। बाइडेन प्रशासन कीव को यह सहायता अत्याधुनिक हथियारों की कर रहा है। इस नए पैकेज में 18 उन्नत राकेट सिस्टम और ड्रोन को मार गिराने वाले अन्य हथियार शामिल हैं। बता दें कि,यूक्रेन के डोनेटस्क, लुहान्स्क, जापोरिजिया और खेरसॉन में जनमत संग्रह कराए जाने के बाद से अमेरिका और अन्य पश्चिम देश रूस को घुटने पर लाने के लिए यूक्रेन को सपोर्ट कर रहे हैं।

यूक्रेन के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र के प्रमुख को कब्जे में लिया

यूक्रेन के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र के प्रमुख को कब्जे में लिया

यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि उनकी सेना ने पूर्वी शहर लाइमैन पर कब्जा करने वाले हजारों रूसी सैनिकों को घेर लिया है। वहीं, जेलेंस्की ने औपचारिक तौर पर यूक्रेन के लिए नाटो में शामिल होने का आवेदन कर दिया है। इससे पश्चिमी सहयोगियों पर यूक्रेन की रक्षा में मदद करने का दबाव भी बढ़ गया है। दूसरी तरफ यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा प्रदाता का कहना है कि रूसी सेना ने यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र के प्रमुख को अपने कब्जे में ले लिया है। मास्को की रणनीति यह है कि वह किसी भी तरह से हारे हुए इलाकों पर फिर से कब्जा करना चाहता है।

रूस ने परमाणु ऊर्जा संयंत्र को खतरे में डाला

रूस ने परमाणु ऊर्जा संयंत्र को खतरे में डाला

यूक्रेनी राज्य परमाणु कंपनी Energoatom ने बताया कि, रूसी सेना ने जापोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के महानिदेशक इहोर मुरशोव को शुक्रवार शाम के करीब 4 बजे आंखों पर पट्टी बांधकर ले गए। Energoatom ने बताया कि रूसी सैनिकों पहले ने मुराशोव की कार को रोका फिर उनकी आंखों पर पट्टी बांधी और उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। वहीं, रूस ने फिलहाल मुरशोव को अपने कब्जे में लेने की बात स्वीकार नहीं की है। वहीं,एनरगोआटम के अध्यक्ष पेट्रो कोटिन ने कहा कि यूक्रेन और यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र के महानिदेशक को कब्जे में लेकर ऊर्जा संयंत्र की सुरक्षा को बड़े खतरे में डाल दिया है। उन्होंने उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है।

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