शराब पीता था मोहम्मद अली जिन्ना, बदलो उसका नाम, मोहम्मद नबी पर टिप्पणी से भड़का तालिबान | Taliban Pakistan Relations:Leave Mohammad Nabi, change Jinnah’s name, he was drunkard

अफगान कप्तान के नाम बदलने पर भड़का तालिबान

अफगान कप्तान के नाम बदलने पर भड़का तालिबान

तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अफगान क्रिकेट टीम के कप्तान मोहम्मद नबी का नाम बदले जाने को लेकर अब पाकिस्तान को ऐसी बात कह दी है जो शायद ही किसी पाकिस्तानी को पसंद आएगी। मोहम्मद नबी के नाम बदलने के पाकिस्तानी मौलाना के सुझाव पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। तालिबान के शीर्ष कमांडर जनरल मुजीब ने एक टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान कहा कि पाकिस्तान को मोहम्मद नबी की जगह कायदे आजम का नाम बदल देना चाहिए, क्योंकि वह एक शराबी इंग्लिशमैन थे।

कायद-ए-आज़म केवल पैगंबर मोहम्मद

कायद-ए-आज़म केवल पैगंबर मोहम्मद

जनरल मुजीब ने कहा कि कायद-ए-आज़म केवल पैगंबर मोहम्मद हैं, जिन्ना नहीं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद है जबकि वहां इस्लामिक कुछ भी नहीं है। साउथ एशिया मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट के ट्विटर हैंडल पर शेयर किए गए एक वीडियो में तालिबान के कमांडर जनरल मुजीब एक न्यूज चैनल पर डिबेट करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में उन्होंने पाकिस्तान पर जानबूझकर सीमा पार से हमारे फलों के निर्यात में देरी करने का आरोप लगाया है। मुजीब ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि हमें अब कराची या ग्वादर बंदरगाहों की जरूरत नहीं पड़ेगी। अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात ने चाबहार बंदरगाह का उपयोग करने के लिए ईरान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। पाकिस्तान हमेशा अफगानिस्तान को नुकसान पहुंचाता है, चाहे कोई भी सत्ता में हो।

एशिया कप में हुआ था विवाद

एशिया कप में हुआ था विवाद

कुछ दिन पहले एशिया कप के सुपर-4 के मुकाबले में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को एक विकेट से हरा दिया था। मैच में ही पाकिस्तानी और अफगानिस्तानी खिलाड़ियों के बीच कहासुनी हो गई थी, जिसका बदला अफगानिस्तानी दर्शकों ने स्टेडियम और स्टेडियम से बाहर पाकिस्तानी दर्शकों से लिया। अफगानी फैंस ने स्टेडियम की कुर्सियां निकाल लीं और पाकिस्तानी फैंस को दौड़ा-दौड़ा कर मारा। स्टेडियम के बाहर भी पाकिस्तानी फैंस के मारपीट हुई। इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।

डुरंड रेखा है विवाद की वजह

डुरंड रेखा है विवाद की वजह

दरअसल पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच प्रतिद्वंदिता भारत-पाकिस्तान के बीच की प्रतिस्पर्धा से कम नहीं है। पाकिस्तान की दशकों पुराने अफगानिस्तान में हस्तक्षेपवादी दुस्साहस के चलते अफगानिस्तान के लोग पाकिस्तान से नाराज रहते हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कई दशकों से विवाद चल रहा है। साल 1893 में अफगान अमीर अब्दुर रहमान खान और ब्रिटिश शासित भारत के विदेश मंत्री सर मोर्टिमर डूरंड के बीच हुए समझौते के बाद अफगानिस्तान का कुछ हिस्सा 100 सालों के लिए ब्रिटिश इंडिया को दे दिया था। कई सालों के बाद जब 1947 में पाकिस्तान के बना तो अफगान शासकों ने डूरंड समझौते की वैधता पर ही सवाल उठाते हुए पुराने समझौते को मानने से इंकार कर दिया।

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