Bhopal NEWS : विद्युत यांत्रिकी विभाग का स्थापना प्रभारी JK पिल्लई ₹40 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया | Electricity department engineer caught red handed taking bribe in Bhopal

बेटे का दर्द मां ने 80 साल सेवा दी, उसके बाद भी मुझसे रिश्वत मांगी

बेटे का दर्द मां ने 80 साल सेवा दी, उसके बाद भी मुझसे रिश्वत मांगी

फरियादी सिद्धार्थ सक्सेना ने बताया कि जवाहर चौक भोपाल के रहने वाले हैं। उनकी मां जल संसाधन विभाग की यूनिट विद्युत विभाग कोलार में ट्रेसर के पद पर पदस्थ थी। 18 जून 2022 को उनका निधन हो गया। मेरी मां ने करीब 38 साल तक विभाग में नौकरी की और अपनी सेवाएं दी। मां ने अपनी सरकारी सर्विस रिकॉर्ड में मुझे नॉमिनी बनाया था। इसलिए उनके निधन के बाद मैंने जीपीएफ समेत अन्य लाभों के भुगतान के लिए आवेदन किया था। स्थापना प्रभारी जी के पिल्लई के पास मैंने जीपीएस के लिए आवेदन दिया। लेकिन पिलाई मुझे 15 दिन तक ऑफिस बुलाते रहे बाद में कहा कि सर्विस रिकॉर्ड में तुम नीना सक्सेना के नॉमिनी नहीं हो। इसके बाद उन्होंने मुझे कई दिन तक घुमाया, लेकिन खुलकर घुस के लिए बोल नहीं पा रहे थे। लेकिन अभी 4 दिन पहले उन्होंने मुझे खुल कर बोला कि ₹40 हजार लगेंगे तभी भुगतान हो पाएगा। मैंने पहले ही सर से कहा कि इतना पैसा मैं कहां से लाऊंगा तो उन्होंने गुस्से भरे लहजे में कहा कि पैसे दोगे तभी भुगतान हो पाएगा, जबकि वह मेरी मां के साथ जी ऑफिस में ड्यूटी करते थे।

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विद्युत यांत्रिकी विभाग के स्थापना प्रभारी जीके पिल्लई 40,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार

परेशान होकर सिद्धार्थ सक्सेना ने लोकायुक्त से की शिकायत

परेशान होकर सिद्धार्थ सक्सेना ने लोकायुक्त से की शिकायत

पिल्लई द्वारा बार-बार रिश्वत मांगे जाने पर फरियादी सिद्धार्थ सक्सेना ने हामी भर दी 20 सितंबर को उसने लोकायुक्त एसपी मनु व्यास से इसकी शिकायत की। गुरुवार को पिल्लई ने सिद्धार्थ को मिलन रेस्टोरेंट एमपी नगर में रिश्वत लेकर आने को कहा। इसके बाद सिद्धार्थ सक्सेना ने अधिकारी पिल्लई को ₹40 हजार दिए उसने अपनी पेंट में रख ली है। तभी लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया वे अपने बचने के लिए तमाम दलीलें देता रहा और गिड़गिड़ाता रहा।

कार्रवाई के दौरान घूसखोर अधिकारी फरियादी की तरफ घूरता रहा

कार्रवाई के दौरान घूसखोर अधिकारी फरियादी की तरफ घूरता रहा

लोकायुक्त भोपाल पुलिस ने रिश्वतखोर अधिकारी को एमपी नगर में स्थित मिलन होटल के नीचे से दबोचा। इसके बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए होटल के फर्स्ट फ्लोर पर दूसरे कमरे में लेकर गए। जा में लगातार फरियादी सिद्धार्थ सक्सेना को घूर रहा था। इसके बाद उसकी पेंट उतरवाई आई जिसमें उसने घूस का पैसा रखा था। पुलिस ने मोबाइल बेल्ट बैग में रखे पैसे बरामद कर लिए। लोकायुक्त इंस्पेक्टर मनोज पटवा ने बताया कि फरियादी से आरोपी ने कई बार रिश्वत की मांग की थी।

घूसखोर अधिकारी पिल्लई ने कहा था कि मेरे अलावा कोई काम नहीं कर सकता

घूसखोर अधिकारी पिल्लई ने कहा था कि मेरे अलावा कोई काम नहीं कर सकता

मृतक नीना सक्सेना के दो बेटे थे। सिद्धार्थ उनका सबसे छोटा बेटा था उन्होंने सिद्धार्थ को ही सर्विस बुक में अपना नॉमिनी बनाया हुआ था लेकिन विद्युत यांत्रिकी विभाग में पदस्थ अधिकारी पिल्लई उसे झूठ बोलता रहा कि उसकी मां ने उसे नॉमिनी नहीं बनाया। और इसी बात के लिए मैं उससे रिश्वत मांगता रहा। सिद्धार्थ ने बताया कि पिल्लई उससे कहता था कि मेरे अलावा कोई काम नहीं कर सकता है। मैंने उनसे कहा कि मेरी मां आपके साथ ही तो काम करती थी। तो उन्होंने कहा कि इससे क्या होता है पैसे तो देना पड़ेंगे तभी काम होगा। इसके बाद मैंने लोकायुक्त को इसकी शिकायत की।

अगर कोई रिश्वत मांगे तो लोकायुक्त में करें शिकायत

अगर कोई रिश्वत मांगे तो लोकायुक्त में करें शिकायत

एसपी लोकायुक्त मनु व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी अधिकारी रिश्वत मांगता है तो लोकायत ऑफिस में आकर शिकायत कर सकते हैं। क्या फोन नंबर 98275 88513 पर भी सूचना दे सकते हैं। शिकायत करने वाला चिंतित ना हो हम यह शिकायत गुप्त रखते हैं। लेकिन फरियादी यह ध्यान रखें कि रिश्वत मांगने या देने के 7 दिन के अंदर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत करनी है। हमारी टीम कंटेंट की जांच करती है जैसे ही पता चलता है कि संबंधित अधिकारी रिश्वत मांग रहा है तो हम उसे ट्रेप करने के लिए योजना तैयार करते हैं

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