CP Joshi : कभी 1 वोट से हारकर CM बनने से चूके, अब पायलट की काट के लिए जोशी को सीएम बनाएंगे गहलोत | Ashok Gehlot recommended Rajasthan speaker CP Joshi’s name for post of CM

एक वोट से चुनाव हार जाने के कारण इनसे सीएम की कुर्सी खिसक गई थी

एक
वोट
से
चुनाव
हार
जाने
के
कारण
इनसे
सीएम
की
कुर्सी
खिसक
गई
थी

सीपी
जोशी
वर्तमान
राजस्‍थान
विधानसभा
अध्‍यक्ष
हैं।
जोशी
राजस्‍थान
विधानसभा
चुनाव
2008
में
मुख्‍यमंत्री
बनने
की
रेस
में
सबसे
आगे
थे,
मगर
महज
एक
वोट
से
चुनाव
हार
जाने
के
कारण
इनसे
सीएम
की
कुर्सी
खिसक
गई
थी।
सीएम
अशोक
गहलोत
बने।
अब
खुद
अशोक
गहलोत
ही
अपनी
कुर्सी
खाली
होती
देख
सीपी
जोशी
को
सीएम
बनाना
चाह
रहे
हैं।

24 सितम्‍बर से नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे

24
सितम्‍बर
से
नामांकन
पत्र
दाखिल
किए
जाएंगे

दरअसल,
भारत
की
सबसे
पुरानी
राजनीतिक
पार्टी
कांग्रेस
के
राष्‍ट्रीय
अध्‍यक्ष
पद
के
लिए
चुनाव
हो
रहे
हैं।
24
सितम्‍बर
से
नामांकन
पत्र
दाखिल
किए
जाएंगे।
अध्‍यक्ष
पद
के
लिए
मुकाबला
राजस्‍थान
सीएम
अशोक
गहलोत

केरल
के
तिरुवनंतपुरम
सांसद
शशि
थरूर
में
होने
की
उम्‍मीद
है।
अगर
अशोक
गहलोत
कांग्रेस
अध्‍यक्ष
बनते
हैं
तो
उन्‍हें
राजस्‍थान
मुख्‍यमंत्री
पद
छोड़ना
पड़
सकता
है।
ऐसे
में
सवाल
उठता
है
कि
राजस्‍थान
का
नया
सीएम
कौन
बनेगा?

राजस्‍थान की राजनीति की नई तस्‍वीर बनेगी

राजस्‍थान
की
राजनीति
की
नई
तस्‍वीर
बनेगी

अशोक
गहलोत
के
कांग्रेस
अध्‍यक्ष
चुनाव
जीतने
की
स्थिति
में
राजस्‍थान
की
राजनीति
की
नई
तस्‍वीर
बनेगी।
सीपी
जोशी
अगले
मुख्‍यमंत्री
हो
सकते
हैं।
बता
दें
कि
राजस्‍थान
विधानसभा
चुनाव
2018
में
कांग्रेस
की
जीत
के
बाद
से
ही
मुख्‍यमंत्री
बनने
को
लेकर
अशोक
गहलोत

सचिन
पायलट
गुट
के
खींचतान
शुरू
हो
गई
थी।
तब
अशोक
गहलोत
को
सीएम
और
सचिन
पायलट
को
डिप्‍टी
सीएम
पद
मिला।
सचिन
पायलट
पीसीसी
चीफ
भी
थे।
दोनों
कांग्रेस
नेताओं
के
बीच
की
खींचतान
राजस्‍थान
में
कांग्रेस
की
सरकार
बनने
के
दो
साल
बाद
उस
वक्‍त
खुलकर
सामने

गई
थी
जब
2020
में
सचिन
पायलट
ने
अपने
गुट
के
विधायकों
को
साथ
लेकर
हरियाणा
के
होटल
में
आकर
डेरा
डाला।

डिप्‍टी सीएम और प्रदेशाध्‍यक्ष पद गंवाना पड़ा

डिप्‍टी
सीएम
और
प्रदेशाध्‍यक्ष
पद
गंवाना
पड़ा

राजस्‍थान
सियासी
संकट
2020
कई
दिन
तक
छाया
रहा
था।
उस
दौरान
सीएम
अशोक
गहलोत
ने
भी
फ्रंट
फुट
आकर
सियासी
दांव
खेले।
सचिन
पायलट
की
बगावत
का
नतीजा
यह
निकला
था
कि
उन्‍हें
डिप्‍टी
सीएम
और
प्रदेशाध्‍यक्ष
पद
गंवाना
पड़ा।
अशोक
गहलोत
ने
सचिन
पायलट
को
किनारे
लगाकर
अपने
करीबी
नेता
गोविंद
सिंह
डोटासरा
को
राजस्‍थान
प्रदेशाध्‍यक्ष
बनाया।
सचिन
पायलट
सिर्फ
टोंक
से
विधायक
रह
गए।

अशोक गहलोत व सचिन पायलट के सियासी रिश्‍ते नहीं सुधरे

अशोक
गहलोत

सचिन
पायलट
के
सियासी
रिश्‍ते
नहीं
सुधरे

दो
साल
बाद
2022
तक
भी
अशोक
गहलोत

सचिन
पायलट
के
सियासी
रिश्‍ते
नहीं
सुधरे।
इस
बीच
कांग्रेस
राष्‍ट्रीय
अध्‍यक्ष
चुनाव

गए
और
अशोक
गहलोत
मैदान
में
उतरने
वाले
हैं।
ऐसे
में
अशोक
गहलोत
के
जीतने
पर
उन्‍हें
राजस्‍थान
मुख्‍यमंत्री
पद
छोड़ना
पड़ेगा।
वहीं,
सचिन
पायलट
गुट
भी
माहौल
बनने
में
लग
गया
कि
अशोक
गहलोत
को
राष्‍ट्रीय
अध्‍यक्ष
और
सचिन
पायलट
को
राजस्‍थान
सीएम
बनाया
जाए।
मीडिया
की
खबरों
के
अनुसारा
अशोक
गहलोत
ने
सोनिया
गांधी
से
मुलाकात
कर
राजस्‍थान
प्रदेशाध्‍यक्ष
सीपी
जोशी
को
सीएम
बनाने
का
प्रस्‍ताव
रखा
है।

29 जुलाई 1970 को जन्‍मे सीपी जोशी

29
जुलाई
1970
को
जन्‍मे
सीपी
जोशी

अब
बात
अगर
सीपी
जोशी
की
करें
तो
ये
राजस्‍थान
में
ब्राह्मण
समुदाय
से
आते
हैं।
अशोक
गहलोत
की
तरह
ये
भी
गांधी
परिवार
के
करीबी
नेताओं
में
से
एक
हैं।
इनके
पास
भी
राजनीति
की
लंबा
अनुभव
है।
राजस्‍थान
कांग्रेस
के
प्रदेशाध्‍यक्ष
भी
रह
चुके
हैं।
29
जुलाई
1970
को
जन्‍मे
सीपी
जोशी
राजस्‍थान
के
राजसमंद
जिले
की
नाथद्वारा
सीट
से
1980,
1985,
1998
और
2003
में
विधायक
रह
चुके
हैं।

2008 में सीपी जोशी सीएम बनने की रेस में सबसे आगे थे

2008
में
सीपी
जोशी
सीएम
बनने
की
रेस
में
सबसे
आगे
थे

राजस्‍थान
विधानसभा
चुनाव
2008
में
सीपी
जोशी
सीएम
बनने
की
रेस
में
सबसे
आगे
थे।
दूसरे
नंबर
पर
अशोक
गहलोत
थे।
सीपी
जोशी
ने
फिर
नाथद्वारा
सीट
से
भाग्‍य
आजमाया।
इनके
सामने
भाजपा
के
कल्‍याण
सिंह
चौहान
थे।
सीपी
जोशी
को
62
हजार
215
और
कल्‍याण
सिंह
चौहान
को
62
हजार
216
वोट
मिले।
सीपी
जोशी
एक
वोट
से
चुनाव
हार
गए
और
सीएम
भी
नहीं
बन
सके
थे।

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