Jammu-Srinagar highway:27 सितंबर तक हर दिन 4 घंटे बंद रहेगा, इस वजह से लिया फैसला | Jammu-Srinagar highway will be closed for four hours daily till September 27. During this road repair work will be done

सुबह 3 से 7 बजे तक बंद रहेगा हाइवे

सुबह 3 से 7 बजे तक बंद रहेगा हाइवे

27 सितंबर तक जम्मू-श्रीनगर हाइवे को हर दिन 4 घंटे के लिए बंद रखा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक 270 किलोमीटर लंबे हाइवे को बंद रखने का यह सिलसिला शुक्रवार तड़के 3 बजे से ही शुरू होगा और 7 बजे सुबह तक यह हाइवे बंद रखा जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा है कि हाइवे बंद करने का यह फैसला विभिन्न भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में मरम्मत के काम के लिए लिया गया है। यूटी के मुख्य सचिव एके मेहता ने मरम्मत कार्य के लिए हाइवे बंद करने के कदम को हरी झंडी दे दी है।

डबल लेन का काम पूरा करने को भी कहा गया है

डबल लेन का काम पूरा करने को भी कहा गया है

अगले पांच दिनों तक रोजाना जम्मू-श्रीनगर हाइवे को बंद रखने का यह फैसला खासकर पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटनाओं की गंभीरता को देखते लिए गया है। हालांकि, इसके साथ ही मुख्य सचिव ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि फलों से लदे ट्रकों की आवाजाही प्रभावित ना हो और दूसरे वाहनों की तुलना में उन्हें प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से बनिहाल से रामबन के बीच डबल लेन बनाने का काम भी पूरा करने को कहा है और इसके बाद के 10 दिनों की अवधि में सड़क की ब्लैक टॉपिंग करने को भी कहा है।

ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर

ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर

प्रशासन ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नेशनल हाइवे संख्या-44 (एनएच-44) पर मरम्मत के कार्य के लिए सुबह का समय इसलिए तय किया है, क्योंकि इस समय ट्रैफिक मूवमेंट कम होता है, जिससे लोगों को कम परेशानी होनी की उम्मीद है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि ट्रैफिक के बेहतर संचालन के लिए जीपीएस टेक्नोलॉजी और बाकी आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों का इस्तेमाल करें और सड़क सुरक्षा उपकरणों की भी खरीद करें।

बुधवार को भी हुआ था भूस्खलन

बुधवार को भी हुआ था भूस्खलन

यही नहीं मरम्मत के काम के साथ-साथ सड़क सुरक्षा से संबंधित खरीदे गए बाकी लॉजिस्टिक्स के बारे में भी जानकारी दी गई है। इसके तहत 213 बाइक,110 रॉयल इंफिल्ड बाइक, 23 क्रेन, 20 मोहाइल व्हीकल इंटरसेप्टर, 16 हाइवे पैट्रोलिंग व्हीकल खरीदे गए हैं। इसके अलावा यातायात के अन्य उपकरणों की खरीद पर 1.52 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है। बुधवार को भी इस हाइवे पर भूस्खलन और बोल्डर गिरने की वजह से यातायात अचानक बंद करना पड़ गया था। यह घटना रामबन के कैफेटेरिया मोड़ इलाके में हुई थी। इसकी वजह से हाइवे के दोनों और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, बाद में रोड क्लियर होने के बाद ट्रैफिक की आवाजाही शुरू हो गई।

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श्रीनगर से कन्याकुमारी तक जाता है एनएच-44

श्रीनगर से कन्याकुमारी तक जाता है एनएच-44

नेशनल हाइवे संख्या-44 (एनएच-44) सबसे लंबा हाइवे है, जो उत्तर-मध्य और दक्षिण भारत को जोड़ता है। यह जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर से शुरू होकर तमिलनाडू में कन्याकुमारी तक जाता है। यह नेशनल हाइवे जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु से होकर गुजरता है। (सारी तस्वीरें-फाइल)

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