Mungeli: यह सिस्टम का सुधरेगा? सांप ने महिला को काटा, जान बचाने के लिए पार करनी पड़ी नदी | Mungeli:The snake bit the woman, had to cross the river to save her life

सांप ने काटा,महिला हुई गंभीर

सांप ने काटा,महिला हुई गंभीर

मुंगेली जिला नदी और जंगलों से घिरा हुआ है,यहां लोरमी क्षेत्र से सामने आई एक घटना में सांप के काटने के बाद गंभीर हो चुकी महिला को अस्पताल ले जाना बड़ा दुष्कर साबित हुआ,क्योंकि ना तो महिला को साई समय में एंबुलेंस मिल पाई और न तो कोई दूसरी सुविधा। किसी तरह ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लेटाकर नदी पार करवाई और बिलासपुर जिले के गनियारी हायर सेंटर ले गए।

मरीज खाट पर सवार ,पार करनी पड़ी नदी

मरीज खाट पर सवार ,पार करनी पड़ी नदी

मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व में आने वाले वनग्राम घमेरी की रहने वाली 36 वर्षीय महिला भानमति बैगा की तबियत अचानक खराब हो गई। उसके परिवारवालों ने बताया कि महिला को किसी विषैले जीव ने काट लिया था ।

परिजन और ग्रामीण महिला को 2 किलोमीटर तक चारपाई पर लेटाकर पैदल ही चल पड़े । इस दरमियान निवासखार से बम्हनी के बीच पड़ने वाली मनियारी नदी को भी उन्होंने अपनी जान खतरे में डालकर पार किया। बारिश की वजह से मनियारी नदी उफानपर है, लेकिन परिवार वालों के पास इसे पार करने के सिवा और कोई दूसरा रास्ता नहीं था।

महिला की हालत स्थिर

महिला की हालत स्थिर

बीमार महिला के परिवारजन बड़ी ही तकलीफों से महिला को लेकर बिलासपुर जिले के गनियारी पहुंचे। इस संबंध में लोरमी के BMO डॉ जीएस दाऊ ने कहा कि भानमती को गनियारी जनसहयोग अस्पताल में भर्ती करवाया गया है,जहां उसकी हालत में तेजी से सुधार देखा जा है। उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में मनियारी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट जाता है, ऐसे में जो समस्याएं गांववालों को आती है, वही परेशानी चिकित्सा दल को भी गांव तक पहुंचने में होती है।

पुल बनाने की मांग सालों से लंबित ,डॉक्टर भी नहीं जा पाते गांव

पुल बनाने की मांग सालों से लंबित ,डॉक्टर भी नहीं जा पाते गांव

बताया जा रहा है कि अचानकमार टाइगर रिज़र्व एरिया के निवासखार गांव में एक उपस्वास्थ्य केंद्र भी है, लेकिन नदी में पानी होने की वजह से डॉक्टर वहां नहीं पहुंच पाते हैं।इस कारण बैगा आदिवासियों को उपचार के लिए बम्हनी में चलने वाले जनसहयोग अस्पताल या फिर जटिल स्थित में पहुंचे चुके मरीजों को गनियारी अस्पताल तक ले जाना मजबूर करता है।

प्रशासन को भी है जानकारी

प्रशासन को भी है जानकारी

मुंगेली के एडिशनल कलेक्टर तीरथराज अग्रवाल ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि जिस गांव की यह घटना है,वहां पहुंचना बेहद कठिन है। बारिश के समय वह शहर से कट जाता है। बहराहल टाइगर रिज़र्व में आने वाले इस इलाके की समस्या पुरानी है। साल 2009 में छत्त्तीसगढ़ का अचानकमार अभयारण्य टाइगर रिजर्व बनाया गया था।

इसके कोर क्षेत्र में चिन्हांकित 25 गांव के ग्रामीणों को विस्थापित किया जाना था,लेकिन साल 2010-11 में 6 गांव का विस्थापन तो कर दिया गया और आज भी 19 गांव का विस्थापन अभी तक लंबित है। ऐसे में बिना बुनियादी सुविधाओं के बैगा आदिवासी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। मनियारी नदी पर पुल बनाने की मांग ग्रामीण लम्बे समय से कर रहे हैं। लेकिन उनकी समस्याओं पर कभी किसी सरकार ने ध्यान नहीं दिया।

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