World Rhinoceros Day 2022: गैंडा एक अद्भुत जंगली जानवर,हैरान कर देगी यह जानकारी | rhinoceros day: know some important things about rhinoceros

गोरखपुर चिड़ियाघर की शान हैं हर व गौरी

गोरखपुर चिड़ियाघर की शान हैं हर व गौरी

अशफॉक उल्ला खां प्राणी उद्यान गोरखपुर में पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हैं हर व गौरी।हर व गौरी नर व मादा गैंडे हैं। बीते 17 मार्च को दोनों गैंडों को असम के गुवाहाटी से गोरखपुर लाया गया था। बता दें दोनों गैंडे अभी सिर्फ पांच- पांच वर्ष के हैं।गोरखपुर की जलवायु दोनों को खूब भा रही है।चिड़ियाघर के निदेशक डा. एच राजा मोहन ने बताया कि दोनों गैंडों के मां- बाप जंगल से हैं। गैंडा सामान्य रूप से 140 किलो हरा चारा व वृक्ष की कोमल पत्तियां, 15 किलो हरी सब्जी व फल व साढ़े तीन किलो चने का चोकर खाते हैं। एक गैंडा दिन भर में 158.5 किलो हरा चारा, हरी सब्जी, फल व चने का चोकर खाता है। ऐसे में रोजाना दोनों गैंडों के लिए 317 किलो भोजन खाने में दिया जाता है। दोनों को गन्ना बेहद पसंद है।

यह होता है गैंडे का वजन

यह होता है गैंडे का वजन

आमतौर पर गेंडे का वजन 2000 से लेकर 2800 किलोग्राम तक का होता है लेकिन हमारे भारत देश में एक गेंडे का वजन 3800 किलोग्राम तक रिकॉर्ड किया जा चुका है।सभी गेंडो का वजन 1000 किलोग्राम से ऊपर ही होता है जबकि ज्यादातर गैंडो का वजन 2000 से लेकर 2800 किलोग्राम तक होता है।

शान होती है सींग

शान होती है सींग

गेंडो के नाक के ऊपर एक सींग होता है जो कि उनकी शान है और यह उनके बालों एवं नाखूनों की तरह उसके सींग भी हमेशा के लिए बढ़ता ही रहता है। अगर यह सींग किसी कारण टूट भी जाए तो इसकी जगह दूसरा सींग उसी जगह उग जाता है।सफेद माता गैंडो को छोड़कर दूसरे सभी मादा गैंडो की प्रजातियां का गर्भकाल 15 से 16 महीने का होता है जबकि सफेद माता गेंदों का गर्भकाल 16 से 18 महीनों का भी हो जाता है।

इतनी होती है कद

इतनी होती है कद

सुमात्रा गैंडे कद में सबसे ज्यादा छोटे होते हैं और उसकी ऊंचाई लगभग 5 फीट तक ही होती है।अधिकांश गैंडो लंबाई लगभग 11 फीट तक की होती है। सुमात्रा प्रजाति की गेंडे मात्र एक ऐसे गेंडे है जिनके शरीर पर बाल होते हैं। वैसे तो गेंडे आमतौर पर बड़े ही आराम से चलते हैं उन्हें किसी बात की कोई जल्दी नहीं होती अगर यदि वह कभी जल्दी में हो या फिर कुछ जंगल में हलचल हो जाए तो वह 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी दौड़ सकते हैं। आमतौर पर गेंडे का जीवनकाल 35 से लेकर 45 साल तक का होता है जबकि कुछ गेंडे 50 से लेकर 55 साल तक भी जीवित रहते हैं।

यहां पाए जाते हैं गैंड

यहां पाए जाते हैं गैंड

भारत में गैंडे असम के राज्य में बहुत ज्यादा पाए जाते हैं वहां के काजीरंगा नेशनल पार्क में गैंडो की बहुत ही ज्यादा आबादी है। लगभग पूरे भारत की दो तिहाई आबादी की गेंडे यहीं पर आपको देखने को मिल जाएंगे।भारत में गैंडे असम के अलावा पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों और हिमालय के निचले पहाड़ियों पर भी कुछ पाए जाते हैं।

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